जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा कारणों से किए गए लॉकडाउन का सोमवार को 22वां दिन है। इस दौरान श्रीनगर में सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या बढ़ रही है, जबकि सार्वजनिक परिवहन अभी भी बंद हैं। हमहामा, हैदरपोरा, जवाहर नगर, सनत नगर, राजबाग और रेजीडेंसी रोड में निजी परिवहनों की आवाजाही अधिक देखी गई, जबकि श्रीनगर में अभी भी निजी परिवहन सड़कों पर कम हैं।

श्रीनगर के बटमालू क्षेत्र के निवासी मोहम्मद अमीन ने कहा, “मेरे रिश्तेदार (श्रीनगर के) हबाक क्षेत्र में रहते हैं और वे हज यात्रा से पिछले हफ्ते वापस लौटे हैं। लेकिन मैं कोई भी ख़तरा उठाकर उनसे मिलने वहां नहीं जाना चाहता। जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते हम इंतज़ार करेंगे।”

घाटी के 69 पुलिस थाना क्षेत्रों में सरकार ने दिन के समय प्रतिबंधों में राहत दी है।

सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने कहा, “पहले 50 थाना क्षेत्रों में यह ढील दी जा रही थी, जिसे बढ़ाकर अब 19 और थानों को जोड़ लिया गया है।”

लेकिन लोगों की आवाजाही अभी भी आसान नहीं होगी, क्योंकि अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के विरोध में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कई स्थानों पर सड़कें पत्थरों और लकड़ी के खंभों से जाम कर रखी है। सुरक्षाबलों ने पहले ही सड़क पर हर जगह मोर्चाबंदी कर दी है।

श्रीनगर के अदिवासी क्षेत्र से आने वाले गुलाम मोहम्मद ने कहा, “कई अवरोधक बनाए गए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही में मुश्किल होती है।”

घाटी में सभी दुकानें बंद हैं। कुछ इलाकों में दुकानें सुबह (9 बजे) के समय खुलती हैं, जिसमें लोग खाने-पीने और ज़रूरत का सामान ख़रीदते हैं।

–आईएएनएस

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