मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने संयुक्त पंजीयक अभय खरे को निलंबित कर दिया है। खरे पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री के निर्देश के बावजूद एक कर्मचारी को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के एवज में 25 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। मंत्री डॉ. सिंह ने रविवार को ग्वालियर में संवाददाताओं से चर्चा के दौरान स्वीकार किया कि गुना जिले के नागरिक सहकारी बैंक, गढ़ा के प्रबंधक ने उनसे शिकायत की थी कि संयुक्त पंजीयक अभय खरे सारे दस्तावेज होने के बाद भी एनओसी जारी नहीं कर रहे हैं। इस पर उन्होंने (डॉ. सिंह) स्वयं खरे को फोन किया था और एनओसी जारी करने को कहा था। लेकिन खरे ने इसके लिए 50 हजार रुपये की जगह 25 हजार रुपये की मांग की।

मंत्री ने कहा कि खरे को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने सहकारिता विभाग में व्याप्त गड़बड़ियों के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि भाजपा ने सहकारिता विभाग को 15 साल में भ्रष्टाचार विभाग और चारागाह में बदल दिया था, जिसे वर्तमान सरकार सुधार रही है।

— आईएएनएस

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