देश के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की रफ़्तार वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में घटकर 5 फ़ीसदी रही, जबकि वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में यह 5.8 फ़ीसदी रही थी।

इसका मतलब यह है कि देश की विकास दर में महज़ एक साल की अवधि में 3 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

जीडीपी की विकास दर में लगातार चौथी तिमाही गिरावट दर्ज की गई, जो कि वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में 8 फ़ीसदी थी, और इस साल समान तिमाही में घटकर 5 फ़ीसदी हो गई।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में जीडीपी 35.84 लाख़ करोड़ रुपये रही, जबकि वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में यह 34.14 लाख़ करोड़ रुपये थी, जो कि 5 फ़ीसदी की वृद्धि दर है।

–आईएएनएस

ये भी पढ़ें: केंद्र और असम सरकार विदेशियों को बाहर करने के नए तरीकों पर चर्चा कर रहीं : हिमंता

ये भी पढ़ें: भारत में बड़े हमलों की तैयारी में था पाकिस्तान का ‘पोस्टर बॉय’

Leave a Reply