भारत ने बीते महीने जुलाई में पिछले साल के मुकाबले तकरबीन 28 फीसदी ज्यादा खाद्य तेल का आयात किया, जबकि वनस्पति तेल (खाद्य व अखाद्य तेल)के कुल आयात में 26 फीसदी का इजाफा हुआ। इस साल जुलाई में खाद्य तेल का कुल आयात 13,47 882 टन हुआ जबकि पिछले साल इसी महीने में भारत ने 10,53,713 टन खाद्य तेल का आयात किया था। इस प्रकार खाद्य तेल का आयात इस साल जुलाई में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 27.91 फीसदी बढ़ गया।

वनस्पति तेल आयात के ये संकलित आंकड़े बुधवार को उद्योग संगठन साल्वेंट एक्सटैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए।

आंकड़ों के अनुसार, भारत का वनस्पति तेल आयात इस साल जुलाई में 14,12,001 टन रहा जबकि पिछले साल इसी महीने में भारत ने 11,19,538 टन वनस्पति तेल का आयात किया था। हालांकि चालू तेल तिलहन वर्ष 2018-19 (नवंबर-अक्टूबर) के दौरान आरंभिक नौ महीनों में भारत ने 1,12,80,972 टन वनस्पति तेल का आयात किया है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 1,07,66,076 टन से पांच फीसदी अधिक है।

एसईए के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. बी. वी मेहता ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच सीईसीए (कांप्रिहेंसिव इकॉनोमिक को-ऑपरेशन एग्रीमेंट) के कारण देश में आरबीडी पामोलिन के आयात को प्रोत्साहन मिला क्रूोंकि इससे मलेशिया से आयातित सीपीओ और पामोलिन पर शुल्क 10 से पांच फीसदी घट गया है। उन्होंने कहा कि इससे घरेलू उत्पादकों पर गंभीर असर पड़ा है।

गौरतलब है कि भारत को हर साल अपनी खपत मांग की पूर्ति के लिए तकरीबन 150 लाख टन खाद्य तेल का आयात करना पड़ता है।

–आईएएनएस

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