निसान मोटर कार्पोरेशन के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हिरोतो साइकावा ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें ‘इक्विटी-लिंक्ड रिम्यूनरेशन स्कीम’ के जरिए ज्यादा भुगतान किया गया था। समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, साइकावा को कार्लोस घोसन की गिरफ्तारी के बाद कंपनी का सीईओ नियुक्त किया गया था। घोसन पर आरोप है कि उन्होंने जापानी ऑटोमोबाइल समूह के चेयरमैन रहते हुए वित्तीय धोखाधड़ी की।

साइकावा ने हालांकि घोसन की गिरफ्तारी के बाद पैदा संकट शांत होने के बाद अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जताई थी। उनके जाने से कथित रूप से उनसे जुड़े अन्य वित्तीय अनियमितताओं की जांच में तेजी आएगी।

अभी तक हालांकि साइकावा के निसान मोटर के चेयरमैन और सीईओ के रूप में इस्तीफे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कंपनी की वेबसाइट पर सोमवार को यासुहिरो यामुची को कार्यकारी अध्यक्ष और सीईओ बताया जा रहा है।

यामुची(63) कंपनी के मुख्या संचालन अधिकारी(सीओओ) भी हैं और वह अब दोनों पदों को संभालेंगे।

कंपनी चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अक्टूबर के अंत में नये सीईओ को नियुक्त करना चाहती है।

साइकावा ने स्वीकार किया कि उनके वेतन बोनस की शर्तो पर अटकलें लगाकर उनकी आय में बढ़ातरी की गई जो कि कंपनी के शेयर के प्रदर्शन का विषय था, जिसके तुरंत बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

— आईएएनएस

ये भी पढ़ें: वायाकॉम18 ने ‘राम सिया..’ विवाद पर जारी किया बयान

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में हिंदू विरोधी दंगे के मामले में 218 पर मामला दर्ज

Leave a Reply