ब्लैक कार्बन, खाना पकाने के दौरान निकलने वाले ऑर्गेनिक ऐरोसोल को ट्रैफ़िक संबंधित प्रदूषण से ट्रेस करने वाला बढ़िया ट्रेसर है। इससे उन्हें खाना पकाने के दौरान होने वाले प्रदूषण को ट्रैक करने के लिए नया ज़रिया मिल गया है। शोधकर्ताओं ने यह नई जानकारी दी है। खाना पकाने के दौरान निकलने वाला ऑर्गेनिक ऐरोसोल शहरी पर्यावरण के प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में एक प्राथमिक स्रोत है।

बीजिंग और नानजिंग के मेगासिटी में कई डेटासेट में ब्लैक कार्बन ट्रेसर विधि को लागू करने से, शोधकर्ताओं ने पाया कि गर्मी के मौैसम में कुल कार्बनिक ऐयरोसोल में खाना पकाने के दौरान निकले ऑर्गेनिक ऐरोसोल का योगदान 15-27 प्रतिशत था।

जर्नल जियोफ़िज़िकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित निष्कर्ष में बताया गया है कि विकासशील देशों में खाना पकाने के दौरान होने वाले उत्सर्जन में कमी से वायु गुणवत्ता में काफ़ी हद तक सुधार हो सकता है।

चाईनीज़ एकेडमी ऑफ़ साइंस, इंस्टीट्यूट ऑफ़ एटमोसफेरिक फ़िज़िक्स के प्रोफ़ेसर येले सून ने कहा, “ऐरोसोल केमिकल स्पेसिएशन मॉनीटर (एसीएसएम) का विश्वभर में ऐरोसोल पार्टिकल्स की मात्रा को मापने के लिए लगातार प्रयोग किया जा रहा है। हमारा अध्ययन, भविष्य में ओए (ऑर्गेनिक एरोसोल) और एक्सपोज़र स्टडी के बेहतर स्रोत के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।”

–आईएएनएस

ये भी पढ़ें: स्टार्टअप्स के निवेशकों पर एंजेल टैक्स नहीं लगेगा : वित्तमंत्री

ये भी पढ़ें: अब चंद्रमा पर मानव मिशन की तैयारी शुरू

Leave a Reply