यहां की एक अदालत ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरयम नवाज की रिमांड अवधि सात दिन और बढ़ा दी है। मरयम आठ अगस्त से नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) की हिरासत में हैं। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, चौधरी शुगर मिल्स (सीएसएम) मामले में लाहौर में एनएबी के मुख्यालय स्थित डे-केयर सेंटर में हिरासत में चल रहीं मरयम को मामले के सह आरोपी उनके कजिन (चचेरे या ममेरे भाई) यूसुफ अब्बास के साथ बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायाधीश अमीर मुहम्मद खान की कोर्ट में पेश किया गया।

मरयम नवाज पर शुगर मिल के करोड़ों के शेयरों की जानकारी नहीं दे पाने का आरोप है।

एनएबी जांच अधिकारी (आईओ) ने कोर्ट को बताया कि मरयम, उनकी मां कुलसुम नवाज, दादा मियां शरीफ, भाई हुसैन नवाज और शरीफ परिवार के कुछ अन्य सदस्य कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्य थे।

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उन्होंने कहा कि पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष ने 2004 में सीएसएम की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के तौर पर भी काम किया था। उन्होंने कहा कि कंपनी ने विभिन्न कंपनियों से ऋण भी लिया था।

जांच अधिकारी ने कहा, “एनएबी ने सबी कंपनियों के साथ-साथ स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) से ऋण के रिकॉर्ड मंगा लिए हैं। एनएबी आरोपी से एसबीपी की रिपोर्ट दिखाकर पूछताछ करेगी तो आग्रह किया जाता है कि रिमांड अवधि बढ़ा दी जाए।”

एनएबी के आग्रह का विरोध करते हुए मरयम नवाज के वकील ने कहा कि ब्यूरो की रिपोर्ट तथ्यों के विपरीत है।

हालांकि बहस के बाद न्यायाधीश ने मरयम की रिमांड अवधि बढ़ा दी।

–आईएएनएस

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