बिहार में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा किए जा रहे गांधी कथा वाचन को और प्रभावी बनाने के लिए राज्यभर के चुनिंदा शिक्षकों को पटना में तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही यह घोषणा की थी कि अगर आने वाली पीढ़ी बापू के विचारों को थोड़ा-सा भी आत्मसात कर ले तो समाज में आमूलचूल परिवर्तन हो सकता है।

गांधी कथा वाचन प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक और जनशिक्षा निदेशक विनोदानंद झा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य सभी विद्यार्थियों तक गांधी के विचारों को पहुंचाना है और गांधी की जीवन कथा को सुना कर उनके गुणों को आत्मसात कराना है।

उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य के स्कूलों में चल रहे गांधी कथावाचन को और प्रभावी बनाना है।

पटना के ज्ञानभवन में आयोजित तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 400 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दिल्ली से बतौर प्रशिक्षक आए सोपान जोशी व वागीश झा तथा कोलकता से आए प्रताप पांडेय शिक्षकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।

उन्होंने बताया, “यहां प्रशिक्षण पाने वाले सभी 400 शिक्षक यहां से जाने के बाद अपने-अपने जिलों में दो-दो शिक्षकों को प्रशिक्षत करेंगे। इसके बाद जिलास्तर पर प्रत्येक स्कूल के दो-दो शिक्षक को गांधी कथा वाचन में सिद्घहस्त बनाएंगे। इस तरह 28 सितंबर तक डेढ़ लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।”

झा ने बताया कि गांधी जयंती दो अक्टूबर को राज्य के सभी 80 हजार स्कूलों के 1़80 करोड़ से अधिक विद्यार्थी गांधी के कथा वाचन में सहायक होंगे। प्रशिक्षण के दौरान गांधी के बताए गए सात सामाजिक पापों तथा व्यक्ति के छह दुश्मनों की जानकारी दी जा रही है।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार तक चलेगा।

–आईएएनएस

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