पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के भारत के कदम को ‘रणनीतिक महाभूल’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस कदम का भारत को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। खान ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में विधानसभा के एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। पाकिस्तान अपने इस स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीरियों के साथ एकजुटता दिखाने का संदेश देने के लिए कश्मीर एकजुटता दिवस मना रहा है। इसी के तहत खान पीओके पहुंचे हैं।

खान ने कहा, “मेरा मानना है कि यह मोदी द्वारा की गई एक बहुत बड़ी रणनीतिक गलती है। मोदी और उनकी भाजपा सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। मैं इसे मोदी का एक बड़ा गलत अनुमान मानता हूं। उन्होंने अपना अंतिम कार्ड खेला है।”

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख खान ने कहा, “मैं कश्मीर की आवाज बनूंगा। मैं कश्मीर का राजदूत बनूंगा।”

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि ‘जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन’ के लिए विश्व नेताओं का ध्यान आकर्षित करना एक ‘चुनौतीपूर्ण काम’ है।

उन्होंने कहा, “लेकिन, अभी कश्मीर का मुद्दा विश्व मीडिया की सुर्खियों में है। मोदी ने वास्तव में इस विवाद के अंतर्राष्ट्रीयकरण में मदद की है।”

पाकिस्तान सरकार ने कुछ समय पहले ही देश के स्वतंत्रता दिवस को ‘बहादुर कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए उनके संघर्ष के साथ एकजुटता’ प्रदर्शित करते हुए मनाने का फैसला किया था।

गुरुवार को भारत के स्वतंत्रता दिवस को पूरे पाकिस्तान में ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।

–आईएएनएस

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