भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) विक्रम लैंडर के असफल होने के कारणों की जांच करेगा।

स्पेस एजेंसी इस बात का पता लगाने का प्रयत्न करेगी कि ऐसा क्या गलत हुआ और क्या ऐसा मान लिया गया था कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर भेजा गया चंद्रयान-2 मिशन का लैंडर वहां उतर नहीं सका। इसरो के एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी ने यह जानकारी दी है।

इससे पहले, 7 सितंबर को विक्रम लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर सॉफ्ट लैंडिग करनी थी। इससे पहले की वह यह कर पाता उसने नियंत्रण खो दिया और वहां उसने क्रैश लैंडिग की।

ये भी पढ़ें: रियलमी लॉन्च करेगा 90 हर्ट्ज़ डिस्प्ले वाला स्मार्टफ़ोन

सेवानिवृत्त अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “इसरो को प्राप्त डेटा से सभी पहलुओं की जांच करनी होगी। उन्हें इस बात का भी पता लगाना चाहिए कि ऐसा क्या हुआ था जो नहीं किया गया और उसके बिना ही परिणाम की कल्पना कर ली गई।”

उनके अनुसार, इसरो को देखना है कि लॉन्च से पहले किसी भी सिमुलेशन को क्या अनदेखा किया गया या फिर किसी ज्ञात विचलन को माफ कर दिया गया।

उन्होंने आगे कहा, “इसरो को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि विभिन्न विफलता पहलुओं की किस सीमा तक जांच की गई थी। इसरो को इसकी तह तक जाना होगा। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए इस प्रकार की जांच में काफी समय लगेगा।”

— आईएएनएस

ये भी पढ़ें: फ़ोन देखने के तरीके से सेक्स और ऊंचाई पर असर पड़ता है: शोध

ये भी पढ़ें: भारत पाकिस्तान में युद्ध नहीं होगा: कुरैशी

Leave a Reply